आकर्षक रिवायतें, धार्मिक संरचनाएँ का शहर। अमृतसर। places to visit in amritsar in hindi

आकर्षक रिवायतें, धार्मिक संरचनाएँ का शहर। अमृतसर। places to visit in amritsar

आकर्षक रिवायतें, धार्मिक संरचनाएँ का शहर। places to visit in amritsar, अमृतसर एक ऐसा शहर है जो अपने पर्यटन स्थलों की पवित्रता और खुबसूरती से पर्यटकों के चेहरे पर एक अनोखी मुस्कान छोड़ देता है। सिख धर्म के इतिहास से जुड़ा यह शहर सिखों के सबसे पवित्र मंदिर स्वर्ण मंदिर का घर है।

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वहीं जलियांवाला बाग देश की आज़ादी में अमृतसर की महत्वपूर्ण स्थिति को दर्शाता है। आकर्षक रिवायतें, धार्मिक संरचनाएँ, ऐतिहासिक इमारतें, हलचल भरे बाज़ार, रंगीन त्यौहार और स्वादिष्ट भोजन सभी एक साथ मिलकर इसे एक खूसबूरत पर्यटन स्थल बनाते हैं। यदि आप इस पवित्र शहर की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो अमृतसर की इन शानदार जगहों को ज़रूर ट्राय करें।

अमृतसर। places to visit in amritsar

गोल्डन टेम्पल: गोल्डन टेम्पल, जिसे हरमंदिर साहिब भी कहा जाता है, पंजाब राज्य के अमृतसर शहर में स्थित है। यह सिख धर्म का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। खास बात यह है गुरु राम दास जी ने इसका निर्माण स्वयं अपने पावन हाथों से किया था जो अब यहाँ का सबसे बड़ा आकर्षण है।

पूरा अमृतसर शहर स्वर्ण मंदिर के चारों तरफ बसा हुआ है इस गुरुद्वारे का बाहरी हिस्सा सोने का बना हुआ है, मंदिर के गुंबद को 750 किलोग्राम शुद्ध सोने से सजाया गया है। इसलिए इसे ‘स्वर्ण मंदिर‘ के नाम से भी जाना जाता है। यह विशिष्ट मन्दिर 20 सालों में बन कर तैयार हुआ। अब से 400 साल पुराने इस मंदिर की सुंदरता आज भी बरकरार है।

जलियांवाला बाग: ये अमृतसर शहर में स्थित है। जलियांवाला बाग 6.5 एकड़ भूमि में फैला हुआ है जो भारत के इतिहास के सबसे मुस्किल दिनों की याद दिलाता है। यहां ब्रिटिश सेना ने बड़ी बेरहमी से बारूद की गोलियां चलाईं जिससे बहुत से लोगों की मौत हो गई थी।

जलियांवाला बाग एक पब्लिक पार्क है जिसमें अंग्रेजो द्वारा हत्याकांड की याद में बना एक स्मारक भी है। डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद द्वारा 63 साल पहले इसको बनाया गया था। जिस जगह अंग्रेजो द्वारा हत्या की घटना हुई थी उस जगह को अब एक सुंदर पार्क में बदल दिया गया है। भले ही ये पार्क देखने में एक आम सी जगह लगती है परंतु इस जगह से जुड़ी यादें रो रो कर अपनी दास्तान बयान करती है जिसे सुन कर हर किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाते हैं। अमृतसर घुमने आने वाले लोग इस पार्क को देखने जरुर आते हैं।

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वाघा बॉर्डर: वाघा बॉर्डर, पंजाब राज्य के अमृतसर शहर में स्थित यह बॉर्डर भारत और पाकिस्तान के बीच एक महत्वपूर्ण सीमा बॉर्डर है, जहां रोजाना शाम को झंडा उतारने की रस्म का आयोजन किया जाता है। समारोह लगभग 45 मिनट तक रहता है।

इसको देखने के लिए दोनों देशों के लोग मीलों दूर से आते हैं और इस नजारे का आनंद लेते हैं। यहां पर दर्शकों के बैठने के लिए उचित व्यवस्था की गई है। महिलाओं के लिए अलग और पुरुषों के लिए अलग सीटिंग है। वाघा बॉर्डर का पहला पक्ष अमृतसर में और दूसरा पक्ष पाकिस्तान में वाहा शहर के नजदीक है। वाघा बॉर्डर समारोह दोनों राष्ट्रों के बीच मुकाबला, सहयोग और भाईचारे का प्रतीक है और साथ ही प्रमुख पारस्परिक यातायात केंद्र भी है।

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खैरुद्दीन मस्जिद: अमृतसर में स्थित इस सैकड़ों साल पुरानी इस मस्जिद ने देश की आजादी में अहम किरदार निभाया था। यहां आजादी की लड़ाई में हिस्सा लेने वाले इकट्ठे होते और सभाएं करते थे। और आज भी यह मस्जिद सेवा भावना और आपसी मेल जोल के लिए मशहूर है। खैरुद्दीन मस्जिद ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण है और अपनी वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है।

महाराजा रणजीत सिंह संग्रहालय: ये संग्रहालय पंजाब के अमृतसर में एक खूबसूरत राम बाग गार्डन के बीच में स्थित है। यह पंजाब के सबसे अच्छे संग्रहालयों में से एक है और अमृतसर के टॉप टूरिस्ट अट्रेक्शन में से एक है। महाराजा रणजीत सिंह संग्रहालय पहले महाराजा रणजीत सिंह का महल था। महल को आज़ादी के करीब 20 साल बाद एक संग्रहालय में बदल दिया गया था।

इस महल की बाहरी दीवारों पर लाल पत्थर लगे हुए हैं। संग्रहालय में महाराजा रणजीत सिंह से जुड़ी वस्तुएं जैसे हथियार, कवच, पेंटिंग और सदियों पुराने सिक्के और दस्तावेज आदि मौजूद हैं। इस संग्रहालय के बगल में खूबसूरत महाराजा रणजीत सिंह चित्रावली (पैनोरमा) है, जो महाराजा के जीवन की छह प्रमुख लड़ाइयों को दर्शाती हैं।

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गोबिंदगढ़ किला: गोबिंदगढ़ किला पंजाब के अमृतसर शहर में स्थित यह किला 300 साल पहले बनाया गया था। यह किला कई ऐतिहासिक घटनाओं का गवाह है। आज़ादी के बाद बड़ी संख्या में पाकिस्तान से आए कमजोर बेघर लोगों ने यहां पनाह ली थी। इस क़िले को देखने के लिए देश भर से पर्यटकों आते है। लगभग 43 एकड़ में फैला यह सुंदर किला लगभग तीन सदी पुराना है। परन्तु आज भी इस किले की सुंदरता में कोई भी कमी नही आई है।

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दुर्गियाना मंदिर: अमृतसर शहर में स्थित यह हिंदू मंदिर है। इसकी बनावट हूबहू सिख हरमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) के समान है। इस मंदिर का निमार्ण महान समाज सुधारक व राजनेता पंडित मदन मोहन मालवीय द्वारा किया गया। संगमरमर से बने इस मंदिर के चाँदी गेट अपनी खूबसूरत नक्काशी के लिए जाने जाते है। यह मंदिर एक पवित्र झील के मध्य में बना हुआ है। मंदिर तक पहुँचने के लिए एक पुल बनाया गया है।

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अकाल तख़्त: अकाल तख़्त सिखों के पांच तख़्तों में से एक है जिसकी की स्थापना सिक्ख गुरु हरगोविंद सिंह जी ने की थी। अकाल तख़्त पांच तख़्तों में सबसे पहला और उच्चतम तख़्त है। गुरु हरगोबिंद नियमित रूप से राजशाही के सभी चिह्नों के साथ ऊंचे तख्त पर बैठते थे और सिखों के सभी झगड़ो के फैसले करते थे। गुरु जी का मूल तख्त 3.5 मीटर ऊंचा एक साधारण मंच था, जिस पर गुरु जी दरबार में एक राजा की तरह बैठते थे।

आज का अकाल तख्त एक बड़ी 5 मंजिला आधुनिक संरचना है। 3 मंजिलें महाराजा रणजीत सिंह द्वारा बनाई गई हैं जिसमें संगमरमर जड़ा हुआ है और एक सोने की पत्ती वाला गुंबद है, अकाल तख्त से जारी प्रत्येक आज्ञा हर सिक्ख के लिए माननीय होती है। अकाल तख्त भवन में गुरुओं के पुराने अस्त्र शस्त्र, भेंट में प्राप्त मूल्यवान वस्तुएँ तथा आभूषण आदि भी रखे हैं।

खालसा कॉलेज: यह कॉलेज पंजाब राज्य के प्रमुख और प्रसिद्ध शिक्षा संस्थानों में से एक है और अपने शैक्षिक गुणवत्ता, कला, और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए प्रसिद्ध है। खालसा कॉलेज ऑल कोर्सेज के साथ छात्रों को स्पोर्ट्स, सांस्कृतिक कार्यक्रम और विभिन्न समारोहों में भाग लेने के लिए भी मौके देता है।

यह कॉलेज भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले संस्थानों में से एक है। क्योंकि इस कॉलेज ने कई प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानियों, वैज्ञानिकों, प्रसिद्ध खिलाड़ियों, लेखकों, पत्रकारों और विद्वानों को जन्म दिया है। इसके कैम्पस में, आधुनिक शिक्षण साधन, पुस्तकालय, लैब, खेलकूद की सुविधाएं, और अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं।

खालसा कॉलेज 300 एकड़ में फैला हुआ है। कॉलेज में 200 कमरे हैं एक सेंट्रल लाइब्रेरी, एक विशाल हॉल, ऑडियो-विज़ुअल सुविधाओं से लैस एक सेमिनार कक्ष है और एक बॉटनिकल गार्डन। अपनी खूबसूरत वास्तुकला के कारण, खालसा कॉलेज बॉलीवुड और हॉलीवुड इंडस्ट्रीज में भी जान जाता है।

How to rest and food in Amritsar in hindi

अमृतसर शहर घूमने जा रहे हैं तो आप आराम करने और खाने की टैंशन बिल्कुल न लें क्योंकि अमृतसर में आपको आराम करने करने के लिए बेहतरीन और फर्स्ट क्लासेज होटल और रेस्टोरेंट मिल जाएंगे। साथ ही यह शहर अपने साथियों की पसंद के चटपटे का भी ध्यान रखता है। आपके लिए कुछ ऑप्शन हैं। आप अपनी पसन्द के आधार पर कोई भी विकल्प चुन सकते हैं।

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अमृतसर में आराम करने के लिए कुछ सुझाव:

गेस्ट हाउस: अमृतसर में कई ऐसे गेस्ट हाउस हैं जो अपने मेहमानों को हर तरह सुखद और सार्थक रहने का अवसर प्रदान करते हैं। आप अपने बजट और आवश्यकताओं के अनुसार रुक सकते हैं।

धर्मशालाएं: अमृतसर मेंआराम करने के कई धर्मशालाएं हैं जहाँ आप ठहर सकते हैं। आप दुर्गियाना टैंपल, गोल्डन टेंपल के पास, या अजबा नेहरू पार्क जैसी शांतिपूर्ण जगहों के पास ठहर सकते हैं।

पार्क और बाग: अमृतसर में कई पार्क और बाग हैं जैसे कि राम बाग, अजबा नेहरू पार्क, और रामबाग गार्डन, जहाँ आप विश्राम कर सकते हैं और हरियाली का आनंद ले सकते हैं।

अमृतसर के बाजारों में खूबसूरत साड़ीयाँ, जूते, और दस्तकारी के उत्पाद भी खरीदे जा सकते हैं, जो आपको शहर की स्थानीय संस्कृति का अनुभव कराएंगे।

भोजन के लिए:

स्थानीय खाना: अमृतसर का खाना अपने स्वाद और परंपरागत रेसिपी के लिए प्रसिद्ध है। वहां स्थानीय खाने में अमृतसरी कुलचा, अमृतसरी छोले-भटूरे, तंदूरी रोटी, और अन्य पंजाबी डिशेज़ उपलब्ध हैं।

पंजाबी भोजन: यदि आप अमृतसर में पंजाबी भोजन की इच्छा रखते हैं, तो आप भरवां दा ढाबा चले जाएं। यहां आपको सरसों के साग के साथ मक्के की रोटी, लजीज़ छोले के साथ भरवां कुल्चे का स्वाद लेने को मिल जाएगा।

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Delhi to Amritsar

दिल्ली से अमृतसर जाने के लिए विभिन्न परिवहन माध्यमों का उपयोग कर सकते हैं जिसका विवरण निम्नलिखित है:

ट्रेन: नई दिल्ली से अमृतसर के बीच लगभग 15 ट्रेनें चलती हैं और लगभग 447 किलोमीटर की दूरी तय करती हैं। नई दिल्ली से अमृतसर के लिए आप ऑनलाइन सबसे किफ़ायती कीमत पर ट्रेन टिकट बुक कर सकते हैं।

नई दिल्ली से अमृतसर तक पहुँचने के लिए, VANDE BHARAT EXP सबसे तेज़ ट्रेन है। किराया 2000₹ है। नई दिल्ली से अमृतसर पहुंचने में 5 घंटे 30 मिनट का समय लगता है।

नई दिल्ली से अमृतसर के लिए सबसे सस्ती ट्रेन PASCHIM EXP। किराया 180₹ है। नई दिल्ली से अमृतसर जाने के लिए ट्रेन को 22 घण्टे का समय लगता है।

बस:  अब कई तरह की प्राइवेट बसें भी स्टार्ट कर दी गई हैं, जो नई दिल्ली से अमृतसर तक अपनी सर्विस देती हैं। अमृतसर से दिल्ली तक आने वाली यह बस 8 घंटे 35 मिनट में अपना सफर पूरा कर लेती है। जिसमें यात्रा करने के लिए प्रति व्यक्ति को ₹750 – ₹2,500 किराया देना होता है।

हवाई जहाज: नई दिल्ली से अमृतसर जाने का सबसे अच्छा तरीका हवाई यात्रा है जिसमें 2 घंटे 41 मिनट लगते हैं। नई दिल्ली से अमृतसर उड़ान के लिए न्यूनतम हवाई किराया ₹3,600 – ₹12,000 होगा।

 

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